9वीं रात भी नहीं रुका अमेरिकी हमला, ईरान के तबरीज और चाबहार में जोरदार बमबारी
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। रविवार देर रात अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों के दौरान उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज और दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह चाबहार में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, जबकि ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है।
लगातार नौवीं रात चला अमेरिकी अभियान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उसने लगातार नौवीं रात ईरान के खिलाफ नया हवाई अभियान चलाया। अमेरिका का दावा है कि ईरान की सैन्य गतिविधियों और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने कई सैन्य ठिकानों, हथियार भंडारों और अन्य रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिका ने सभी लक्ष्यों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
तबरीज में कई धमाके
हमलों के दौरान ईरान के प्रमुख शहर तबरीज में कई जोरदार विस्फोट सुनाई दिए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, विस्फोटों के बाद कई इलाकों में धुएं के गुबार देखे गए। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों की घेराबंदी कर दी और राहत कार्य शुरू कर दिए।ईरानी अधिकारियों ने नुकसान का पूरा ब्योरा जारी नहीं किया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार कई सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है।
चाबहार में भी हमले
दक्षिण-पूर्वी शहर चाबहार में भी धमाकों की खबर सामने आई। यह इलाका रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां समुद्री गतिविधियां और बंदरगाह संचालन होता है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलों के बाद कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। कुछ स्थानों पर आग लगने की भी खबरें आईं, हालांकि नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का कारण बन गया है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस क्षेत्र में जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा कर रहा है।
इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
अमेरिका का क्या कहना है
अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल क्षेत्र में हमलों और समुद्री गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
अमेरिका ने यह भी कहा कि वह अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो उसका जवाब दिया जाएगा।
सरकारी बयान में कहा गया कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा
इस संघर्ष का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। समुद्री मार्गों, सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
वैश्विक चिंता
संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है कि हालात और बिगड़ने से पहले बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।
ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े विशेषज्ञ भी इस संघर्ष पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति होती है।
निष्कर्ष
अमेरिका द्वारा लगातार नौवीं रात किए गए हवाई हमलों ने यह साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी कम होने के संकेत नहीं हैं। तबरीज और चाबहार में हुए धमाकों तथा होर्मुज क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों ने पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कूटनीतिक कोशिशें तय करेंगी कि यह संकट बातचीत की ओर बढ़ता है या फिर संघर्ष और गहराता है।

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